महाभारत 11.10.4
दुर्योधनबलान्मुक्ता वयमेव त्रयो रथाःसर्वमन्यत्परिक्षीणं सैन्यं ते भरतर्षभ
duryodhanabalānmuktā vayameva trayo rathāḥsarvamanyatparikṣīṇaṃ sainyaṃ te bharatarṣabha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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