महाभारत 11.12.9
आत्मनोऽतिक्रमं पश्य पुत्रस्य च दुरात्मनःयदनागसि पाण्डूनां परित्यागः परंतप
ātmano'tikramaṃ paśya putrasya ca durātmanaḥyadanāgasi pāṇḍūnāṃ parityāgaḥ paraṃtapa
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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