महाभारत 11.16.13
रुद्राक्रीडनिभं दृष्ट्वा तदा विशसनं स्त्रियःमहार्हेभ्योऽथ यानेभ्यो विक्रोशन्त्यो निपेतिरे
rudrākrīḍanibhaṃ dṛṣṭvā tadā viśasanaṃ striyaḥmahārhebhyo'tha yānebhyo vikrośantyo nipetire
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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