महाभारत 11.16.25एतदेवंविधं वीर संपश्यायोधनं विभोपश्यमाना च दह्यामि शोकेनाहं जनार्दनetadevaṃvidhaṃ vīra saṃpaśyāyodhanaṃ vibhopaśyamānā ca dahyāmi śokenāhaṃ janārdanaइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें