महाभारत 11.16.31
शयनान्युचिताः सर्वे मृदूनि विमलानि चविपन्नास्तेऽद्य वसुधां विवृतामधिशेरते
śayanānyucitāḥ sarve mṛdūni vimalāni cavipannāste'dya vasudhāṃ vivṛtāmadhiśerate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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