महाभारत 11.16.8
रक्षसां पुरुषादानां मोदनं कुरराकुलम्अशिवाभिः शिवाभिश्च नादितं गृध्रसेवितम्
rakṣasāṃ puruṣādānāṃ modanaṃ kurarākulamaśivābhiḥ śivābhiśca nāditaṃ gṛdhrasevitam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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