महाभारत 11.22.5
प्रातिपीयं महेष्वासं हतं भल्लेन बाह्लिकम्प्रसुप्तमिव शार्दूलं पश्य कृष्ण मनस्विनम्
prātipīyaṃ maheṣvāsaṃ hataṃ bhallena bāhlikamprasuptamiva śārdūlaṃ paśya kṛṣṇa manasvinam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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