महाभारत 11.26.25
विदुरं च महाबुद्धिं युयुत्सुं चैव कौरवम्इन्द्रसेनमुखांश्चैव भृत्यान्सूतांश्च सर्वशः
viduraṃ ca mahābuddhiṃ yuyutsuṃ caiva kauravamindrasenamukhāṃścaiva bhṛtyānsūtāṃśca sarvaśaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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