महाभारत 11.4.14
अध्रुवे जीवलोकेऽस्मिन्यो धर्ममनुपालयन्जन्मप्रभृति वर्तेत प्राप्नुयात्परमां गतिम्
adhruve jīvaloke'sminyo dharmamanupālayanjanmaprabhṛti varteta prāpnuyātparamāṃ gatim
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें