महाभारत 11.8.12
धृतराष्ट्र महाबाहो यत्त्वां वक्ष्यामि तच्छृणुश्रुतवानसि मेधावी धर्मार्थकुशलस्तथा
dhṛtarāṣṭra mahābāho yattvāṃ vakṣyāmi tacchṛṇuśrutavānasi medhāvī dharmārthakuśalastathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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