महाभारत 11.8.23
तस्यास्तद्वचनं श्रुत्वा विष्णुर्लोकनमस्कृतःउवाच प्रहसन्वाक्यं पृथिवीं देवसंसदि
tasyāstadvacanaṃ śrutvā viṣṇurlokanamaskṛtaḥuvāca prahasanvākyaṃ pṛthivīṃ devasaṃsadi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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