महाभारत 11.8.2
तं तथा पतितं भूमौ निःसंज्ञं प्रेक्ष्य बान्धवाःकृष्णद्वैपायनश्चैव क्षत्ता च विदुरस्तथा
taṃ tathā patitaṃ bhūmau niḥsaṃjñaṃ prekṣya bāndhavāḥkṛṣṇadvaipāyanaścaiva kṣattā ca vidurastathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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