महाभारत 11.8.38अनतिक्रमणीयो हि विधी राजन्कथंचनकृतान्तस्य हि भूतेन स्थावरेण त्रसेन चanatikramaṇīyo hi vidhī rājankathaṃcanakṛtāntasya hi bhūtena sthāvareṇa trasena caइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें