महाभारत 12.10.5
भैक्ष्यमेवाचरिष्याम शरीरस्या विमोक्षणात्न चेदं दारुणं युद्धमभविष्यन्महीक्षिताम्
bhaikṣyamevācariṣyāma śarīrasyā vimokṣaṇātna cedaṃ dāruṇaṃ yuddhamabhaviṣyanmahīkṣitām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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