महाभारत 12.103.19
भग्ना इत्येव भज्यन्ते विद्वांसोऽपि नकारणम्उदारसारा महती रुरुसंघोपमा चमूः
bhagnā ityeva bhajyante vidvāṃso'pi nakāraṇamudārasārā mahatī rurusaṃghopamā camūḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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