महाभारत 12.108.8भेदमूलो विनाशो हि गणानामुपलभ्यतेमन्त्रसंवरणं दुःखं बहूनामिति मे मतिःbhedamūlo vināśo hi gaṇānāmupalabhyatemantrasaṃvaraṇaṃ duḥkhaṃ bahūnāmiti me matiḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें