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महाभारत 12.11.19
देववंशान्पितृवंशान्ब्रह्मवंशांश्च शाश्वतान्संविभज्य गुरोश्चर्यां तद्वै दुष्करमुच्यते
devavaṃśānpitṛvaṃśānbrahmavaṃśāṃśca śāśvatānsaṃvibhajya guroścaryāṃ tadvai duṣkaramucyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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