महाभारत 12.111.13
ये तपश्च तपस्यन्ति कौमारब्रह्मचारिणःविद्यावेदव्रतस्नाता दुर्गाण्यतितरन्ति ते
ye tapaśca tapasyanti kaumārabrahmacāriṇaḥvidyāvedavratasnātā durgāṇyatitaranti te
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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