महाभारत 12.113.16
एवं दुर्बुद्धिना प्राप्तमुष्ट्रेण निधनं तदाआलस्यस्य क्रमात्पश्य महद्दोषमुपागतम्
evaṃ durbuddhinā prāptamuṣṭreṇa nidhanaṃ tadāālasyasya kramātpaśya mahaddoṣamupāgatam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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