महाभारत 12.126.15
इह द्रक्ष्यामि तं पुत्रं द्रक्ष्यामीहेति पार्थिवःएवमाशाकृतो राजंश्चरन्वनमिदं पुरा
iha drakṣyāmi taṃ putraṃ drakṣyāmīheti pārthivaḥevamāśākṛto rājaṃścaranvanamidaṃ purā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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