महाभारत 12.130.2
केनास्मिन्ब्राह्मणो जीवेज्जघन्ये काल आगतेअसंत्यजन्पुत्रपौत्राननुक्रोशात्पितामह
kenāsminbrāhmaṇo jīvejjaghanye kāla āgateasaṃtyajanputrapautrānanukrośātpitāmaha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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