महाभारत 12.136.111
तं दृष्ट्वा यमदूताभं मार्जारस्त्रस्तचेतनःउवाच पलितं भीतः किमिदानीं करिष्यसि
taṃ dṛṣṭvā yamadūtābhaṃ mārjārastrastacetanaḥuvāca palitaṃ bhītaḥ kimidānīṃ kariṣyasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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