महाभारत 12.136.11
ऋते शांतनवाद्भीष्मात्सत्यसंधाज्जितेन्द्रियात्तदन्विष्य महाबाहो सर्वमेतद्वदस्व मे
ṛte śāṃtanavādbhīṣmātsatyasaṃdhājjitendriyāttadanviṣya mahābāho sarvametadvadasva me
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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