महाभारत 12.136.9
विग्रहं केन वा कुर्यात्संधिं वा केन योजयेत्कथं वा शत्रुमध्यस्थो वर्तेताबलवानिति
vigrahaṃ kena vā kuryātsaṃdhiṃ vā kena yojayetkathaṃ vā śatrumadhyastho vartetābalavāniti
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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