महाभारत 12.139.15
न ववर्ष सहस्राक्षः प्रतिलोमोऽभवद्गुरुःजगाम दक्षिणं मार्गं सोमो व्यावृत्तलक्षणः
na vavarṣa sahasrākṣaḥ pratilomo'bhavadguruḥjagāma dakṣiṇaṃ mārgaṃ somo vyāvṛttalakṣaṇaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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