महाभारत 12.150.24
मम तेजोबलं वायोर्भीममपि हि नारदकलामष्टादशीं प्राणैर्न मे प्राप्नोति मारुतः
mama tejobalaṃ vāyorbhīmamapi hi nāradakalāmaṣṭādaśīṃ prāṇairna me prāpnoti mārutaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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