महाभारत 12.150.36
तस्मात्ते वै नमस्यन्ति श्वसनं द्रुमसत्तमाःत्वं तु मोहान्न जानीषे वायोर्बलमनन्तकम्
tasmātte vai namasyanti śvasanaṃ drumasattamāḥtvaṃ tu mohānna jānīṣe vāyorbalamanantakam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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