महाभारत 12.151.13अथ निश्चित्य मनसा शल्मलिर्वातकारितम्पश्यमानस्तदात्मानमसमं मातरिश्वनःatha niścitya manasā śalmalirvātakāritampaśyamānastadātmānamasamaṃ mātariśvanaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें