महाभारत 12.157.3
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
त्रयोदशैतेऽतिबलाः शत्रवः प्राणिनां स्मृताःउपासते महाराज समस्ताः पुरुषानिह
trayodaśaite'tibalāḥ śatravaḥ prāṇināṃ smṛtāḥupāsate mahārāja samastāḥ puruṣāniha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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