महाभारत 12.157.9
विरुद्धानि हि शास्त्राणि पश्यन्तीहाल्पबुद्धयःविवित्सा जायते तत्र तत्त्वज्ञानान्निवर्तते
viruddhāni hi śāstrāṇi paśyantīhālpabuddhayaḥvivitsā jāyate tatra tattvajñānānnivartate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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