महाभारत 12.164.9अथोपविष्टं शयने गौतमं बकराट्तदापप्रच्छ काश्यपो वाग्मी किमागमनकारणम्athopaviṣṭaṃ śayane gautamaṃ bakarāṭtadāpapraccha kāśyapo vāgmī kimāgamanakāraṇamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें