महाभारत 12.171.13
यदि वाप्युपपद्येत पौरुषं नाम कर्हिचित्अन्विष्यमाणं तदपि दैवमेवावतिष्ठते
yadi vāpyupapadyeta pauruṣaṃ nāma karhicitanviṣyamāṇaṃ tadapi daivamevāvatiṣṭhate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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