महाभारत 12.173.32
पाणिमन्तो धनैर्युक्ता बलवन्तो न संशयःमनुष्या मानुषैरेव दासत्वमुपपादिताः
pāṇimanto dhanairyuktā balavanto na saṃśayaḥmanuṣyā mānuṣaireva dāsatvamupapāditāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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