महाभारत 12.175.10
एवं स भगवान्पृष्टो भरद्वाजेन संशयम्महर्षिर्ब्रह्मसंकाशः सर्वं तस्मै ततोऽब्रवीत्
evaṃ sa bhagavānpṛṣṭo bharadvājena saṃśayammaharṣirbrahmasaṃkāśaḥ sarvaṃ tasmai tato'bravīt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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