महाभारत 12.19.14
दक्षिणेन तु पन्थानं यं भास्वन्तं प्रपश्यसिएते क्रियावतां लोका ये श्मशानानि भेजिरे
dakṣiṇena tu panthānaṃ yaṃ bhāsvantaṃ prapaśyasiete kriyāvatāṃ lokā ye śmaśānāni bhejire
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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