महाभारत 12.192.3
कालस्य मृत्योश्च तथा यद्वृत्तं तन्निबोध मेयथा स तेषां संवादो यस्मिन्स्थानेऽपि चाभवत्
kālasya mṛtyośca tathā yadvṛttaṃ tannibodha meyathā sa teṣāṃ saṃvādo yasminsthāne'pi cābhavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें