महाभारत 12.192.97
यदि नेच्छति मे दानं यथा दत्तमनेन वैभवानत्र स्थिरो भूत्वा मार्गे स्थापयतु प्रभुः
yadi necchati me dānaṃ yathā dattamanena vaibhavānatra sthiro bhūtvā mārge sthāpayatu prabhuḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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