महाभारत 12.2.3
गुह्यमेतत्तु देवानां कथयिष्यामि ते नृपतन्निबोध महाराज यथा वृत्तमिदं पुरा
guhyametattu devānāṃ kathayiṣyāmi te nṛpatannibodha mahārāja yathā vṛttamidaṃ purā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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