महाभारत 12.201.5
सप्त ब्रह्माण इत्येष पुराणे निश्चयो गतःअत ऊर्ध्वं प्रवक्ष्यामि सर्वानेव प्रजापतीन्
sapta brahmāṇa ityeṣa purāṇe niścayo gataḥata ūrdhvaṃ pravakṣyāmi sarvāneva prajāpatīn
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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