महाभारत 12.202.8
तथैव चान्ये बहवो दानवा युद्धदुर्मदाःन सहन्ते स्म देवानां समृद्धिं तामनुत्तमाम्
tathaiva cānye bahavo dānavā yuddhadurmadāḥna sahante sma devānāṃ samṛddhiṃ tāmanuttamām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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