महाभारत 12.211.29
प्रेत्य भूतात्ययश्चैव देवताभ्युपयाचनम्मृते कर्मनिवृत्तिश्च प्रमाणमिति निश्चयः
pretya bhūtātyayaścaiva devatābhyupayācanammṛte karmanivṛttiśca pramāṇamiti niścayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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