महाभारत 12.24.25
ततस्तमब्रवीच्छङ्खस्तपसेदं कृतं मयामा च तेऽत्र विशङ्का भूद्दैवमेव विधीयते
tatastamabravīcchaṅkhastapasedaṃ kṛtaṃ mayāmā ca te'tra viśaṅkā bhūddaivameva vidhīyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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