महाभारत 12.243.10वेदस्योपनिषत्सत्यं सत्यस्योपनिषद्दमःदमस्योपनिषद्दानं दानस्योपनिषत्तपःvedasyopaniṣatsatyaṃ satyasyopaniṣaddamaḥdamasyopaniṣaddānaṃ dānasyopaniṣattapaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें