महाभारत 12.244.10
मनो नवममेषां तु बुद्धिस्तु दशमी स्मृताएकादशोऽन्तरात्मा च सर्वतः पर उच्यते
mano navamameṣāṃ tu buddhistu daśamī smṛtāekādaśo'ntarātmā ca sarvataḥ para ucyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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