महाभारत 12.248.5
इमे मृता नृपतयः प्रायशो भीमविक्रमाःतत्र मे संशयो जातः कुतः संज्ञा मृता इति
ime mṛtā nṛpatayaḥ prāyaśo bhīmavikramāḥtatra me saṃśayo jātaḥ kutaḥ saṃjñā mṛtā iti
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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