महाभारत 12.249.16
कृष्णा रक्ताम्बरधरा रक्तनेत्रतलान्तरादिव्यकुण्डलसंपन्ना दिव्याभरणभूषिता
kṛṣṇā raktāmbaradharā raktanetratalāntarādivyakuṇḍalasaṃpannā divyābharaṇabhūṣitā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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