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महाभारत 12.25.24
यत्कर्म वै निग्रहे शात्रवाणां; योगश्चाग्र्यः पालने मानवानाम्कृत्वा कर्म प्राप्य कीर्तिं सुयुद्धे; वाजिग्रीवो मोदते देवलोके
yatkarma vai nigrahe śātravāṇāṃ; yogaścāgryaḥ pālane mānavānāmkṛtvā karma prāpya kīrtiṃ suyuddhe; vājigrīvo modate devaloke
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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