महाभारत 12.252.8
अन्ये कृतयुगे धर्मास्त्रेतायां द्वापरेऽपरेअन्ये कलियुगे धर्मा यथाशक्तिकृता इव
anye kṛtayuge dharmāstretāyāṃ dvāpare'pareanye kaliyuge dharmā yathāśaktikṛtā iva
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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