महाभारत 12.259.6
ममेदमिति नास्यैतत्प्रवर्तेत कलौ युगेलोकयात्रा न चैव स्यादथ चेद्वेत्थ शंस नः
mamedamiti nāsyaitatpravarteta kalau yugelokayātrā na caiva syādatha cedvettha śaṃsa naḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें