महाभारत 12.263.39
यदि दद्यामहं राज्यं तुष्टो वै यस्य कस्यचित्स भवेदचिराद्राजा न मिथ्या वाग्भवेन्मम
yadi dadyāmahaṃ rājyaṃ tuṣṭo vai yasya kasyacitsa bhavedacirādrājā na mithyā vāgbhavenmama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें